चिक्की घोटाले में पंकजा मुंडे को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत

महाराष्ट्र| महाराष्ट्र की महिला और बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। पंकजा पर विभाग में 206 करोड़ रुपए की खरीद का आरोप लगा था लेकिन अब इस मामले में जांच के बाद पंकजा पर लगे आरोप बेबुनियाद दिखाई दे रहे हैं। दरअसल सरकारी स्कूलों के छात्रों को दी गई चिक्की में मिट्टी के कण पाए जाने के आरोपों से इंकार करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट से कहा कि लैब में इसके सैंपल की जांच से ऐसे किसी पदार्थ की मौजूदगी का खुलासा नहीं हुआ है।

राज्य सरकार के वकील श्रीहरि अनी ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, ‘गाजियाबाद में एक प्रतिष्ठित सरकारी प्रयोगशाला में भेजे गए नमूनों में मिट्टी का कोई कण नहीं मिला है।’ इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को घटिया किस्म की चिक्की प्रदान की जा रही है| जस्टिस वी.एम. कनाडे और जस्टिस अनुजा प्रभुदेसाई की बेंच संदीप अहीर तथा कुछ अन्य लोगों की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

सिंधुदुर्ग की महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदन्या परब सूर्यकांता महिला औद्योगिक सहकारी संस्था चलाती हैं। वहीं इस मामले में एसीबी में शिकायत दर्ज करने वाले कांग्रेस के सीनियर नेता सचिन सावंत ने आरोप लगाया है कि ठेके देने में पक्षपात किए गए थे। उन्होंने कंपनियों द्वारा सप्लाई किए गए सामानों की क्वॉलिटी को लेकर भी सवाल उठाए हैं, खासकर चिक्की की क्वॉलिटी को लेकर सवाल उठे हैं|

वहीं दूसरी और याचिकाकर्ताओं ने 206 करोड़ रूपये के कथित चिक्की घोटाले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस से कराने की मांग की है। इस मामले में राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे आरोपों के घेरे में आई थीं। बेंच ने स्कूली बच्चों को चिक्की वितरित करने पर लगाई गई रोक का अंतरिम आदेश 17 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है।

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