सादगीपूर्ण अभिनय के धनी अमोल पालेकर का जन्मदिन आज

मुंबई। ‘ चितचोर’, ‘बातों बातों में’, ‘गोलमाल’, ‘नरम गरम’ और ऐसी ही कई सिम्पल मिडिल क्लास कॉमेडी फिल्मों से अपनी एक्टिंग द्धारा दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले अमोल पालेकर को ज्यादातर गंभीर और सादगीपूर्ण अभिनय के लिए जाना जाता है।

अमोल पालेकर का जन्म 24 नवंबर,1944 में मुंबई में हुआ था। उनके माता-पिता दोनों ही नौकरीपेशा थे और अमोल अपनी तीन बहनों नीलम, रेखा और उन्नति के अकेले भाई थे।

उन्होंने अपनी पढ़ाई मुंबई के जेजे स्कूल्स ऑफ आर्ट्स से की, जहां से उन्होंने अपने आर्टिस्टिक करियर की शुरूआत की। अपनी पढ़ाई के दौरान ये पेंटर हुआ करते थे फिर इसके बाद इन्होंने बैंक ऑफ इंडिया में काम किया। पालेकर ने एक्टिंग करियर की शुरूआत थियेटर से की थी।

1967 में अमोल मराठी थियेटर के एक्टर,प्रोड्यूसर और डायरेक्टर रहे, उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरूआत मराठी थियेटर से ही की थी। फिल्मों की शुरूआत अमोल ने 1971 में मराठी फिल्म  ‘शानताता! कोर्ट चालू आहे’ से की थी।

हिन्दी सिनेमा में उनका डेब्यू 1974 में विद्या सिन्हा के साथ फिल्म ‘रजनीगंधा’ जैसी लो बजट की सुुपरहिट फिल्म से हुआ। इसके बाद  ‘छोटी सी बात’, ‘गोलमाल’ और ‘नरम गरम’ जैसी फिल्मों द्धारा उन्होंने सबका मन मोह लिया और मिडिल-क्लास इमेज बॉय से कॉमेडी बॉय बन गए।

अमोल ने हिंदी,मराठी के अलावा कन्नड़, मलयालम और बंगाली सिनेमा में भी अपने सफल अभिनय का परिचय दिया। पालेकर ने 1972 में थियेटर ग्रुुप बनाया जिसका नाम  उन्होंने ‘अनिकेत’ रखा।

1981 में अमोल ने डायरेक्शन में कदम रखा और मराठी फिल्म ‘आक्रित’ बनाई। जिसके बाद उन्होंने अंग्रेजी और हिन्दी फिल्में भी निर्देशित की। 1985 के बाद अमोल ने एक्टिंग को पूरी तरह अलविदा कहकर डायरेक्शन में अपनी जान लगा दी।

अमोल की निर्देशक के रूप में आखिरी हिंदी फिल्म ‘पहेली’ थी, जिसमें किंग खान यानि शाहरूख और रानी मुखर्जी की जोड़ी थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही लेकिन ऑस्कर के लिए इस फिल्म को बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था।

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