अटल सुहाग के लिए स्त्रियां आज रखेंगी करवाचौथ का व्रत

लखनऊ| करवाचौथ का व्रत आज पूरे देश में सुहागिन स्त्रियों द्वारा रखा जाएगा और इसका आगमन रोहिणी नक्षत्र में हो रहा है। अपने पति के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए किया जाने वाला करवा चौथ का व्रत हर विवाहित स्त्री के जीवन में एक नई उमंग लाता है। इसे सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा त्‍योहार माना जाता है।

निराजल और निराहार रहकर अखंड सुहाग की कामना का पर्व करवा चौथ मनाते हुए सभी विवाहित महिलाएं विधिवत पूजा अर्चना कर व्रत का पारण करेंगी। आज रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थसिद्ध योग में सौभाग्य का महापर्व है।

चौथ के दिन शंकर पार्वती सहित कार्तिकेय और गणेश की पूजा की जाती है और चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। करवाचौथ कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह व्रत सुबह सूर्योदय से पहले शुरू होकर रात में चंद्रमा दर्शन और पूजा के बाद पूरा होता है।

ऋग्वेद में 16 श्रृंगार –

ऋग्वेद में सौभाग्य के लिए सोलह श्रृंगारों का वर्णन है। मान्यता है कि सोलह श्रृंगार घर में सुख, समृद्धि लाने के लिए किए जाते हैं। महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाती हैं, 16 श्रृंगार, पूजा कर व्रत का पारण करती हैं। व्रत मे महिलाएं सम्पूर्ण श्रृंगार करती हैं जो आवयश्क माना जाता है|

पति के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए किया जाने वाला करवा चौथ का व्रत हर विवाहित स्त्री के जीवन में एक नई उमंग लाता है। कहा जाता है कि करवा चौथ की पूजा से पहले और बाद में भजन-कीर्तन जरूर करें। इससे वातावरण में सकारात्मकता आती है और पूजन का पूर्ण फल मिलता है।

व्रत, पूजन और चन्द्र दर्शन के लिए मुहूर्त-

करवाचौथ में पूजा करने के लिए सबसे अधिक शुभ  मुहूर्त शाम 5.33 से 6.52 तक का है अर्थात 1 घंटे 19 मिनट तक और चाँद देख कर अर्घ्य देने के लिए सबसे शुभ समय 8.26 का है|

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