सावन मास की अमावस्या मोक्षदायिनी: धर्म

सावन मास की अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाने वालों का आगमन प्रारंभ हो गया है। इससे तीर्थनगरी में चहल पहल बढ़ने के साथ ही धर्मशाला, मंदिर और आश्रमों में भीड़ बढ़ने लगी है। सावन अमावस्या के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार को ब्रजघाट समेत लठीरा और पूठ के कच्चे घाटों पर श्रद्घालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत वेस्ट यूपी के विभिन्न जनपदों के लाखों भक्त भाग लेकर पुण्यार्जन करेंगे। भद्रकाली मंदिर के पुजारी रमाशंकर तिवारी और पंडित केशव प्रसाद मिश्रा का कहना है कि सावन मास की अमावस्या पर मोक्षदायिनी में आस्था की डुबकी लगाकर गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र का दान करने का विशेष महत्व है। ऐसा करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं। वहीं सावन मास की अमावस्या पितृ तर्पण के लिए भी बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन घर का सबसे बड़ा सदस्य पितृ तर्पण कर अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना करता है।

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