कोरोना वायरस को लेकर यूपी सरकार बेहद गंभीर, विदेशों से लौटे यात्रियों को रखा गया है अलग

 चीन से फैले कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर हो गई है। यहां पर अब विदेश यात्रा से लौटकर शहर पहुंचे लोगों को घरों में ही क्वारंटाइन बनाकर रखा गया है। इनमें ऐसे लोग भी हैं, जिनकी दिल्ली या अन्य एयरपोर्ट पर जांच के बाद भी 14 दिन के लिए आइसोलेट किए गए थे।

बरेली में दुबई से लौटे एक व्यक्ति को जांच के बाद जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। दुबई से लौटे इस युवक में कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखे। इसके बाद युवक ने जिला अस्पताल को जानकारी दी। इस युवक से जानकारी मिलने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग की टीम बेहद सक्रिय हो गई और युवक को यहां जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया।एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) आईडीएसपी ने युवक का सैम्पल लिया। अब सैंपल को किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ भेजा जाएगा। बरेली में मैक्सिको और दुबई से लौटे दो नये कोरोना संदिग्ध जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करके सैंपल लिए।

दूसरी ओर राहत की बात यह है कि सऊदी अरब से उमरा करके वापस लौटे बहेड़ी के दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिले में 35 संदिग्ध मरीजों की निगरानी की जा रही है। सिविल लाइंस की जजेज कॉलोनी निवासी एक शख्स कुछ दिन पहले दुबई से लौटे हैं। जुकाम और बुखार की शिकायत के साथ बुधवार को वह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शंका जाहिर करते हुए अपना कोरोना टेस्ट कराने के लिए कहा है। एहतियातन उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। लार के नमूने को लखनऊ भेजा गया है। इसी तरह मैक्सिको से लौटे बरेली के इज्जतनगर परतापुर निवासी एक अन्य शख्स भी कोरोना होने की शंका जाहिर करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। उनकी केस हिस्ट्री समझने के बाद जिला अस्पताल की रैपिड रेस्पांस टीम के डॉक्टरों ने उनका भी लार का नमूना लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली, डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि मैक्सिको और दुबई से वापस आए दो नये लोगों ने कोरोना जांच के लिए संपर्क किया है। बहेड़ी के दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव है। बरेली मंडल में अब तक एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं है।

संदिग्ध मरीजों की निगरानी में सतर्कता

बरेली में बहेड़ी के डॉक्टर समेत दो संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। दोनों को अब डिस्चार्ज किया जा चुका है। अब इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आइडीएसपी) की सूची में 35 संदिग्ध कोरोना के मरीज बचे हैं। जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

लखनऊ के महानगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति पिछले दिनों जर्मनी से दिल्ली लौटा था। जहां उसे आइटीबीपी के कैंप में क्वारंटाइन में रखा गया था। 14 दिन बाद वहां से डिस्चार्ज होने के तीन दिन पहले सड़क मार्ग से लखनऊ में अपने घर आया। यहां बुधवार को सर्दी, जुकाम, बुखार का लक्षण महसूस हुआ तो उसने सीएमओ कंट्रोल रूम को फोन किया। टीम ने स्वैब कलेक्शन कर घर में ही रहने की सलाह दी। उसके घर पर एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम पहुंची तो मुहल्ले वाले भी एकत्र हो गए। संदिग्ध मरीज को उनके घर से ले जाने की सलाह दी, हालांकि, चिकित्सकों ने कहा कि कोई परेशानी की बात नहीं है। इससे लोगों में नाराजगी भी दिखी।

फ्रांस से लौटे व्यक्ति की छिपाई जानकारी

लखनऊ में जानकीपुरम निवारी एक शख्स में फ्रांस से लौटा। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वह घर में 14 दिन के लिए आइसोलेट है। उसके घर में काम करने वाली महिला अन्य घरों में जाती है। परिजन व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। इससे मुहल्ले के लोग नाराज हैं। इसके अलावा गोमती नगर में भी विदेश से घर लौटे युवक में संदिग्ध लक्षण महसूस हुए। सीएमओ की टीम ने घर पहुंचकर सैंपल लिया और घर में रहने की सलाह दी। एक अन्य मामला मोहनलालगंज भी सामने आया। यहां सर्दी, जुकाम, बुखार की मरीज को लेकर लोग परेशान हो गए। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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