नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहनावे की चर्चा हमेशा रहती है. उनकी जैकेट एक ब्रैंड बन चुकी है. उनकी पगड़ियां अलग अलग मौकों पर लोगों का ध्यान खींचती रही हैं. अब एक बार फिर मोदी जैकेट चर्चा में है. ऐसा किसी कार्यक्रम की वजह से नहीं बल्कि इसकी मैन्युफैक्चरिंग से हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अब चीड़ के पेड़ के रेशे से जैकेट बनाई जाएगी. इस जैकेट को केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री और उत्तराखंड में बीजेपी सांसद अजय टम्टा खुद मोदी को तोहफे में देंगे.

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जैकेट को ‘नमोवस्त्र’ नाम दिया गया है. केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा के हवाले से कई जगह लिखा गया है कि साल भर पहले ही चीड़ की लकड़ी के रेशे को निकालने का काम शुरू कर दिया गया था. अब इससे कपड़े बनाए जाएंगे. इन्हीं रेशों को फैब्रिक के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है.

एक वेबसाइट को केंद्रीय राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि अब इसी कपड़े से ‘नमोनम:’ नाम की एक जैकेट तैयार की जा रही है. इस मामले पर उत्तराखंड सरकार में मंत्री और उत्तराखंड राज्य के दिग्गज नेता सतपाल महाराज ने बताया कि कि यह साबित हो गया है कि चीड़ का इस्तेमाल कपड़ा बनाने के लिए भी किया जा सकता है.

महाराज ने आगे कहा कि पहाड़ी राज्य में एक बड़े कपड़ा उद्योग को चीड़ के पेड़ की मदद से विकसित किया जा सकता है. इससे पलायन रोकने में भी मदद मिल सकती है. आपको बता दें कि उत्तराखंड में जमीन के अधिकतर हिस्से में जंगल है. इस राज्य में करीब 16 फीसदी हिस्से में चीड़ के ही जंगल मौजूद हैं. उत्तराखंड में चीड़ का पेड़ एक त्योहार से भी जुड़ा है. गढ़वाल में इससे जुड़ा पंडवा त्योहार मनाया जाता है.