तंजील अहमद मर्डर केस: पुलिस का दावा- निजी रंजिश में चलीं गोलियां

बिजनौर| यूपी पुलिस ने एनआईए ऑफिसर तंजील अहमद मर्डर केस में दावा किया है कि इस हत्याकांड के पीछे कोई आतंकी कनेक्शन नहीं है| पुलिस इस हत्या में निजी रंजिश का होना बता रही है|

बरेली जोन के आईजी विजय कुमार मीणा की मानें तो, ‘इस हत्याकांड की साजिश मुनीर ने ही रची थी| उसी ने रेयान और जुनैल को तंजील के मर्डर के लिए तैयार किया था| मर्डर के पीछे कोई आतंकी कनेक्शन अभी तक निकलकर सामने नहीं आया है| तंजील अहमद की हत्या के पीछे रंजिश, लेन देन और संपत्ति विवाद निकलकर आ रहा है’|

आईजी के मुताबिक, ‘रेयान से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि घटना के दिन शादी समारोह में आरोपी रेयान अपने पिता के साथ शामिल था| वहीं वो अन्य आरोपी जैनी से मिला था| इसी दौरान मुनीर ने उसे एक काली शर्ट में लपेट कर एक पिस्टल और रिवाल्वर दी थी| वे लोग समारोह स्थल के बाहर ही तंजील अहमद के आने का इंतजार कर रहे थे’|

आईजी ने बताया कि, ‘तंजील अपने परिवार के साथ शादी समारोह से बाहर निकले और कार में सवार हो गए| बाहर पहले से मौजूद मुनीर और रेयान मोटरसाइकिल से उनका पीछा करने लगे| जब ये लोग सहसपुर के पास एक पुलिया पर पहुंचे तो मुनीर और रेयान तंजील अहमद की कार को ओवरटेक किया और मुनीर ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी| हमले को अंजाम देने के बाद मुनीर और रेयान वापस लौट आए| उसके बाद मुनीर और जैनी अपने अपने ठिकाने पर वापस चले गए’|

आईजी ने बताया कि, ‘एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या करने के पीछे मुनीर का मकसद बदला लेना था| दिसंबर 2015 में बिजनौर के धामपुर में 91 लाख लूट हुई थी| उस लूट को मुनीर ने अपने साथी रिजवान के साथ मिलकर अंजाम दिया था| मुनीर को शक था कि तंजील अहमद ने पुलिस से उसकी मुखबिरी की थी’|

आईजी मीणा ने बताया कि, ‘रेयान का इस हत्या में शामिल होना तंजील के प्रति उसकी नफरत और गुस्सा था| पुलिस की गिरफ्त में आ चुके रेयान को इस बात की नाराजगी थी कि तंजील ने बुरे वक्त में उसकी मदद नहीं की’|

आईजी ने खुलासा करते हुए बताया कि, ‘धामपुर में दिसंबर 2015 में हुई लूट और तंजील हत्याकांड में एक ही हथियार का इस्तेमाल किया गया था| इस बात की पुष्टि लखनऊ फोरेंसिक लैब ने की है’|

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