काशी विश्वनाथ मंदिर में लागू हुआ ड्रेस कोड, विदेशी महिलाओं को पहननी होगी साड़ी

वाराणसी। काशी के कप्तान यानि काशी विश्वनाथ मंदिर में अब विदेशी महिलाओं को भी साडी पहनकर ही आना होगा। इसके अलावा,  मंदिर परिसर में हाफ पैंट, कैप्री या मिनी स्कर्ट पहनकर वह प्रवेश नहीं पा सकेंगी। कारण, एक उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ मंदिर में विदेशी महिलाओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। निर्देश हैं कि जो विदेशी महिला पश्चिमी परिधानों में आयेगी भी, उन्हें चेंजिग रूम में साड़ी पहनने को कहा जाएगा।
वर्तमान में हर दिन इस मंदिर में 60 हजार श्रद्धालु आते हैं। इनमें 3000 विदेशी होते हैं। हालांकि, यह साफ नहीं है कि क्या मंदिर में आने वाली भारतीय महिलाओं के लिए भी इसी तरह के नियम बनाए गए हैं ?
दरअसल, बीते कई दिनों से यह बाते सामने आ रही थी कि विदेशी महिलाएं मंदिर में पश्चिमी परिधानों में ही आ जाती हैं। स्थानीय संगठनों ने इसे भारतीय संस्कृति के लिहाज से गलत बताया था। शनिवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने मंदिर परिसर का जायजा लिया। जिसके बाद यह फैसला लिया गया कि मंदिर में ऐसे कपड़े पहनकर प्रवेश की अनुमति पर रोक लगाई जाए जिससे भारतीय गरिमा को ठेस पहुंचती हो।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन दि्वेदी ने बताया कि मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के दौरान विदेशी महिलाएं कम कपड़ों में जाती थीं। इसी पर लोगों काे एतराज था। अब उन पर रोक लगाई गई है। उनके लिए विश्वनाथ मंदिर पुलिस चौकी के पास चेंजिंग रूम बनाया जाएगा। वहां साड़ियां रखी जाएंगी। मंदिर परिसर के काउंटर के पास भी साड़ियों का इंतजाम किया गया है जो भारतीय श्रद्धालु आरती के दौरान हाफ पैंट पहनकर पहुंच जाते हैं, उन पर भी रोक लग सकती है। बेल्ट लगाकर मंदिर में आने पर पहले से ही बैन है।
वहीँ इस पर विदेशी महिला टूरिस्ट का कहना है कि भारतीय संस्कृति का अहम लिबास साड़ी है। अगर इसे हमारे लिए लागू किया जा रहा है, तो यह एक अच्छी कोशिश है। उनके मुताबिक, काशी विश्वनाथ मंदिर की पहचान पूरे विश्व में है। विदेशी महिलाओं पर ड्रेस कोड लागू करना सही है, क्योंकि हर देश की संस्कृति अलग है। मंदिर में कम कपड़े पहनकर जाने से भारतीय महिलाएं शर्माती हैं। अब विदेशी महिलाएं भी साड़ी पहनेंगी तो अलग पहचान बनेगी। एक और टूरिस्ट के मुताबिक, यह पहल अच्छी है लेकिन जिला प्रशासन को चेंजिंग रूम के पास खास नजर रखनी होगी ताकि कोई बदसलूकी न होने पाए।
गौरतलब हो, 12 ज्योतिर्लिंग में से एक काशी विश्वनाथ के प्रति लोगों की बेहद श्रध्दा है, भोले बाबा के इस स्थान पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते है।

 

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