24 फीसदी बढ़ेगा केन्द्रीय कर्मचारियों का वेतन, राज्य कर्मचारियों को 6 महीने बाद मिलेगा लाभ

नयी दिल्ली| सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट कल केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंप दी गई| जस्टिस एके माथुर की अध्यक्षता में तैयार की गई इस रिपोर्ट में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और भत्ते 23.55 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की गई है और सैनिकों की तर्ज पर गैर सैनिक कर्मचारियों के लिए भी ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की गई है|

आयोग ने सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार और अधिकतम 2.25 लाख रुपये तय करने की सिफारिश की है| इसके अलावा आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सालाना तीन फीसदी वृद्धि की भी सिफारिश की है|

आयोग ने ग्रैच्युटी निर्धारण में अधिकतम वेतन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की है| इसके अलावा नए वेतन ढांचे में आयोग ने छठे वेतन आयोग द्वारा शुरू की गई ‘पे ग्रेड’ व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के ढांचे में शामिल कर दिया है और कर्मचारी का ओहदा अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा|

आयोग ने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की सिफारिश की है, आयोग की सिफारिशें जस की तस लागू करने पर सरकारी खजाने पर 1.02 लाख करोड़ रुपये का सालाना बोझ आएगा| यह सिफारिशें अगले साल जनवरी से लागू हो सकती हैं|

राज्य कर्मचारियों को 6 माह बाद मिल सकता है लाभ 

सातवें वेतन आयोग की केंद्र सरकार से कर्मचारियों का वेतन 16 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश के बाद इस पर अमल करने की तैयारी अखिलेश सरकार ने भी शुरू कर दी है, लेकिन उत्तर प्रदेश के सरकार कर्मियों को इसका लाभ छह महीने बाद मिल सकेगा।

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वेतन आयोग की सिफारिशों पर गौर करने के लिए यूपी सरकार की ओर से विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। केंद्र की ओर से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के संबंध में भी यहां से सुझाव भेजे जा चुके हैं। यूपी सरकार ने इसके मद्देनजर केंद्र से आर्थिक मदद भी मांगी है।

माना जा रहा है कि केंद्र के साथ यूपी के कर्मचारियों के वेतन में भी करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इससे यूपी के 17 लाख से ज्यादा राज्य कर्मियों और पेंशनधारकों को फायदा मिलेगा। इससे यूपी सरकार पर पांच हजार करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ बढ़ेगा। सरकार ने वित्त विभाग को अगले वर्ष के बजट के लिए अभी से इंतजाम करने को कहा है।

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