भूकम्प की तबाही से हिला भारत, पाक और अफगानिस्तान

पाकिस्तान| सोमवार को आए जबरदस्त भूकम्प से उत्तर भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान दहल उठा। रिक्टर स्केल पर भूकम्प की तीव्रता 7.5 मापी गई। भूकम्प का केंद्र अफगानिस्तान में हिंदूकुश पर्वत श्रेणी था। यह दोपहर करीब दो बजकर 40 मिनट पर आया। भूकम्प से पाकिस्तान में 228, अफगानिस्तान में 63 और भारत में अभी तक चार लोगों के मारे जाने की खबर है।

भूकम्प से भारत में जम्मू कश्मीर, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान दहल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति से बात कर सहायता की पेशकश की।

जम्मू कश्मीर में महसूस किए गए 7.5 तीव्रता वाले भूकम्प के झटकों से दो बुजुर्ग महिलाओं की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वहीं बारामुला जिले के सोपोर में भूकम्प के बाद सेना का एक बंकर ढह जाने से दो सैन्यकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि वहां सेना की एक टुकड़ी डेरा डाले हुई थी। बंकर ढहने से दो सैनिक घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

श्रीनगर के बीचों बीच जहांगीर चौक पर स्थित फ्लाईओवर में दरार पड़ गई। इस वजह से अधिकारियों को उस पर यातायात रोकना पड़ा। राष्ट्रीय राजधानी में धरती हिलते ही लोग अपने-अपने घरों से बाहर दौड़े। दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इसकी सेवाएं 15 मिनट के बाद बहाल हुईं।

उत्तराखंड में भूकम्प के झटके मसूरी, देहरादून, हरिद्वार, रूड़की और ऋषीकेश में महसूस किए गए। इसके बाद लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। आपदा प्रबंधन और मिटीगेशन केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कहीं से भी जान माल का नुकसान होने की खबर नहीं है। बाद के हल्के झटके भी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में महसूस किए गए। भूकम्प की वजह से संचार सेवाएं कुछ देर के लिए बाधित हुईं।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में भूकम्प के हल्के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि राज्य के कुछ जिलों में हल्के झटके महसूस किए गए। वहीं राजस्थान के अधिकारियों के मुताबिक जयपुर, जोधपुर सहित राज्य के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए गए।

सोमवार को आए भूकम्प का केंद्र अक्तूबर 2005 में आए 7.6 तीव्रता के भूकम्प से कुछ सौ किलोमीटर दूर है। 2005 में आए भूकम्प में 75 हजार लोग मारे गए थे और 35 लाख लोग विस्थापित हुए थे|

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com