अमित शाह साथ होते तो जेल नहीं जाना पड़ता : हार्दिक पटेल

सूरत| पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने नौ महीने बाद आज लाजपोर जेल से बाहर आकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया| जेल से बाहर आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें 56 इंच का सीना नहीं, बल्कि अपने समुदाय के लिए अधिकार चाहिए।

अकसर ये अटकलें लगाई जाती रही हैं कि इस आंदोलन के पीछे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं क्योंकि राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और उनके बीच ‘शीतयुद्ध’ चल रहा है| जब हार्दिक पटेल से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अगर पाटीदार आंदोलन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यश अमित शाह का सहयोग मिला होता तो मुझे इतने दिनों तक जेल में नहीं रहना पड़ता|”

पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय से राजद्रोह और विसनगर विधायक के दफ्तर में हिंसा से संबंधित दोनों मामलों में जमानत मिलने के बाद हार्दिक की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। अदालत ने यह शर्त लगाई थी कि अगले छह महीनों तक हार्दिक को गुजरात से बाहर रहना होगा। हार्दिक के वकीलों ने स्थानीय अदालत को बताया कि वह अगले छह महीने राजस्थान के उदयपुर में रहेंगे।

जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए 22 वर्षीय हार्दिक ने कहा कि वह ओबीसी श्रेणी के तहत अपने समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कुर्मी समुदाय को जोड़कर आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के संकेत दिए। पटेल कुर्मियों को अपनी शाखा मानते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान ‘‘56 इंच का सीना’’ संबंधी टिप्पणी की तरफ इशारा करते हुए हार्दिक ने कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहता हूं कि मुझे ऊंचाई, वजन या 56 इंच का सीना नहीं चाहिए। मुझे तो अपने समुदाय के लिए अधिकार चाहिए।आने वाले दिनों में हमारा आंदोलन जारी रहेगा। पटेल समुदाय के लिए ओबीसी दर्जे की हमारी मांग कायम है। आने वाले दिनों में हमारे काम करने के तरीके में बदलाव आएगा लेकिन हमारे तेवर ऐसे ही बने रहेंगे।’”

हार्दिक पटेल की रिहाई के पहले बड़ी तादाद में लोग सूरत जेल के बाहर जमा हो गए थे| इसके साथ उन्होंने रोड शो भी किया था लेकिन सूरत पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी तो समर्थक उनका स्वागत करने के लिए सड़क पर उतर आए| शुक्रवार को ही सूरत में गुजरात के मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल का एक सरकारी कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया था, उस कार्यक्रम के होर्डिग भी लगाए गए थे| रोड शो की इजाज़त न मिलने से गुस्साए लोगों ने मुख्यमंत्री की तस्वीरों पर कालिख पोत दी| हालांकि इसके बावजूद उनका रोड शो हुआ| हाई कोर्ट के आदेश अनुसार, हार्दिक को 48 घंटे में गुजरात छोड़ना है और छह महीने गुजरात के बाहर रहना है|

सूरत में अपने समर्थकों के साथ रोड शो शुरू करने से पहले पत्रकारों से बातचीत में हार्दिक ने सभी पार्टियों को इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ नहीं उठाने की चेतावनी दी। हार्दिक ने कहा, ‘‘आंदोलन किसी एक राजनीतिक पार्टी की बपौती नहीं है। किसी पार्टी को इसका राजनीतिक फायदा उठाने का सोचना भी नहीं चाहिए। यह आंदोलन केवल मेरे या किसी और के चाहने से नहीं रुकने वाला। यह तभी खत्म होगा जब पटेल समुदाय को उसके अधिकार मिल जाऐंगे।’’ हार्दिक ने कहा कि राज्य सरकार से बातचीत के दरवाजे खुले हैं।

अनारक्षित श्रेणी के लिए 10 फीसदी ईबीसी कोटा (आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए कोटा) लागू करने के गुजरात सरकार के हाल के फैसले पर टिप्पणी करते हुए हार्दिक ने कहा कि यह अब भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार से अब तक हमें जो भी मिला है हम उसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं लेकिन हमें वह नहीं मिला है जिसकी हमने मांग की थी (समुदाय के लिए ओबीसी कोटा)। इसलिए पहले तो हम सरकार से यह मांग पूरी करने का आग्रह करते हैं। पहले हम इसे अच्छी तरह मांगेंगे। मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार के साथ बैठकर बात भी करेंगे।’’ हार्दिक ने संकेत दिए हैं कि आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक फैलाने के लिए वे कुर्मी समुदाय को भी इसमें शामिल करेंगे।

सूरत जिला एवं सत्र अदालत के सामने हलफनामे में हार्दिक के वकील दिलीप पटेल ने कहा कि हार्दिक उदयपुर में हवाई अड्डा मार्ग पर मकान नंबर 190, श्रीनाथ नगर में रहेंगे। दिलीप ने कहा, ‘‘यह अगले छह महीने के लिए हार्दिक का अस्थाई पता है क्योंकि उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते जमानत देते हुए हमें स्थानीय अदालत को अगले छह महीने के लिए उनके ठिकाने के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया था। हार्दिक को अपनी रिहाई के दो दिन के अंदर गुजरात छोड़ना है।’’ इसी बीच यह खुलासा हुआ है कि उदयपुर में हार्दिक जिस मकान में ठहरेंगे, वह राजस्थान के पूर्व कांग्रेस विधायक पुष्करलाल पटेल का है। पुष्करलाल पटेल ने उन्हें यहां ठहरने का न्यौता दिया। पूर्व विधायक के मुताबिक वह राजस्थान में पटेलों के नेता हैं।

पुष्करलाल पटेल ने यहां एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘जैसे ही मुझे पता चला कि अदालत ने हार्दिक को छह महीने के लिए गुजरात से बाहर रहने को कहा है, मैंने उनके समर्थकों को न्यौता भेजा और हार्दिक को अपने मकान में रहने का निमंत्रण दिया। पटेल समुदाय हमेशा हार्दिक और समुदाय के वास्ते उनके आंदोलन के साथ खड़ा रहा है । ’’ उन्होंने कहा, ‘‘वैसे तो मैं कांग्रेस विधायक था, लेकिन राजनीति का हार्दिक के निमंत्रण से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने उन्हें निमंत्रित किया क्योंकि वह हमारे समुदाय के लिए लड़ रहे हैं। यहां ठहरने के दौरान पटेल नेता उनसे मिलेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। ’’

 

 

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