प्रियंका को लेकर दुविधा में कांग्रेस

2017 में उतारा तो 2019 पार्टी कहां से लायेगी चेहरा
आजाद के साथ हुई पियंका की मीटिंग

उमेश कुमार

लखनऊ। 2017 की वैतरणी पार करने के लिए कांग्रेस चेहरे को लेकर दुविधा में है। वह प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्यमत्री चेहरा को तय नहीं कर पा रही है। इन पदो ंके लिए कई माह से सर्च अभियान जारी है। वहीं प्रियंका को चुनाव की कमान सौंपने पर भी असमंजस बरकरार है। जबकि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद एवं प्रियंका गांधी की मुलाकात हो चुकी है।

कांग्रेस का यूपी में चुनाव प्रबंधन का काम देख रहे प्रशात किशोर चाहते है पार्टीै का यहां पर काया कल्प हो। इसके लिए उन्होंने 100 से 150 सीटें जतीने का भी लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को भदने के लिए उनके अनुरोध पर कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को प्रदेष प्रभारी बनाया है। इसके अलावा उन्होंने जनता की मांग पर चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका को सौपने की मांग की है। लेकिन कांग्रेस इस मांग पर आगे पीछे हो रही है। क्योंकि हाईकामन यह भली भांति चाहता है कि यदि यूपी में प्रियंका में चुनाव प्रचार की सभालती है यदि पार्टी मजबूत हुई तो इस प्रयोग को पार्टी 2019 में दोहरा सकेगी।

यदि ऐसा न हुआ तो प्रियंका का कद कम हो जायेगा। कांग्रेस का लक्ष्य 2019 में देश का आम चुनाव है। इस चुनाव में कांग्रेस कहां से चेहरा लायेगी। क्योंकि राहुल गांधी को आगे कर पार्टी हास्य देख चुकी है। वहीं पार्टी सूत्रों के अनुसार गुलाम नबी आजाद एवं प्रियंका गांधी की हाल में यूपी के चुनाव को लेकर बैठक हो चुकी है।

इसके अलावा कांग्रेस एक अदद प्रदेश अध्यक्ष भी नहीं तलाश पा रही है। इस पद के लिए करीब आधा दर्जनों पर सर्च अभियान अर्से से चल रहा है। जिसमें सांसद राजेश  मिश्र, जितिन प्रयाद, प्रमोद तिवारी, सहित कई नेता है। वहीं सीएम चेहरा को लेकर कांग्रस पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का नाम भी तय नहीं कर पा रही है। इस तरह चुनाव की तैयारी में कांग्रेस अन्य दलों की तुलना में काफी पीछे है। ऐेसे में पीके कांग्रेस को यूपी में कैसे सफलता दिला पायेंगे।

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