सामाजिक न्याय के लिए दलितों, पिछडों को एक करेगी सपा

लखनऊ। प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी से जुड़े पिछड़े वर्ग के नेताओं का मानना है कि सामाजिक न्याय के लिए दलितों, शोषितों और पिछड़ों को एक होना पड़ेगा। डा़ अबेडकर महासभा ऑडिटोरियम में’सामाजिक न्याय में जननायक वी़ पी़ ङ्क्षसह का योगदान विषय पर जननायक वी़ पी़ सिंह मेमोरियल सोसाइटी द्वारा आयोजित गोष्ठी में पिछडा वर्ग कल्याण एवं विकलांगजन मंत्री साहिब सिंह सैनी ने कहा कि तमााम तरक्कियों के बावजूद अभी तक पूरी तरह सामाजिक न्याय नहीं मिला है, इसके लिए पिछडों, दलितों और शोषितों को एक होना पडेगा।
श्री सैनी ने कहा कि कि दलितों के मसीहा विश्वनाथ प्रताप सिंह ने जीवन भर पिछडों, दलितों एवं शोषितों की लडाई लडी। राज परिवार में पैदा होने के बावजूद शोषितों, वंचितों को न्याय दिलाने के लिए मण्डल कमीशन की सिफारिशों को लागू किया। उन्होंने देश में इंसानियत और मानवता की जो मिसाल कायम की है उसे हम आज जननायक के जन्मदिन पर प्रज्जवलित रखने का संकल्प लेकर जायें कि हम सामाजिक न्याय की लडाई मिलजुल कर लडेंगे।
 चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि सामाजिक व्यवस्था को सु²ढ करके ही दलितों, पिछडों को न्याय मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जननायक वी़ पी़ सिंह ने देश में दबे, कुचले एवं वंचितों को सामाजिक न्याय दिलाने में आगे बढकर प्रयास किया। श्री मांझी ने कहा कि श्री ङ्क्षसह ने देश में सामाजिक न्याय को स्थापित करने के लिए मण्डल कमीशन को लागू किया जो कि इंसानियत की द्रष्टि से ऐतिहासिक निर्णय था। प्रदेश में आरक्षण लागू हो जाने से दबे- कुचले लोगों को भी मान स मान मिला। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ सभी आरक्षित जातियों को समान रुप से मिले, इसके भी प्रयास हों। उच्च शिक्षा, निजी क्षेत्र , प्रेस, न्यायपालिका, सेना आदि में भी आरक्षण लागू किया जाना चाहिए, क्योंकि आरक्षण को पूर्णत: लागू किए बगैर शोषितों को सामाजिक न्याय नहीं मिल सकता ।
इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि पूर्व म यमंत्री मुलायम सिंह यादव सामाजिक न्याय के मसीहा हैं। उन्होंने प्रदेश में सामाजिक न्याय की स्थापना करने के लिए 06 दिसंबर, 1993 को मण्डल कमीशन की सिफारिशों को लागू किया। सामाजिक न्याय की लडाई में मुलायम सिंह यादव का प्रदेश में सर्वाधिक योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं स्थानीय निकाय में आरक्षण लागू हो जाने से शोषित समाज के लोगों को आगे बढऩे का मौका मिला। मण्डल कमीशन की सिफारिशों में स पूर्ण सामाजिक न्याय की बात कही गयी है। आरक्षण तो मात्र स मान पाने का रास्ता है, सामाजिक न्याय पाने का नहीं।
श्री विश्वकर्मा ने कहा कि आरक्षण के लिए आरक्षित लोगों को बांटने के बजाय इसका लाभ सभी को समान रुप से मिले ताकि सामाजिक न्याय की लडाई और मजबूत हो सके। पिछडों एवं दलितों के अधिकारों एवं हितों में कोई कटौती न हो। उन्होंने कहा कि पिछडों, दलितों, वंचितों एवं अल्पसं यकों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है।

 

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