रोगियों के लिए वरदान बनी एंबुलेंस

3860 एंबुलेंसों से एक करोड 62 लाख रोगी लाभान्वित

लखनऊ। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही प्रदेश सरकार की एंबुलेंस सेवा रोगियों के लिए वरदान बन गयी हैं। प्रदेश में संचालित 108 एवं 102 सेवा की 3860 एंबुलेंसों के माध्यम से एक करोड 60 रोगी लाभान्वित हो चुके है। इसी तरह अस्पतालों में निःशुल्क जांचों की संख्या भी बीते चार साल से दोगुना हो गयी है।

प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने आज पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच से लेकर एक साल का बच्चा होने तक अस्पताल लाने एवं ले जाने के लिए 2272 एम्बुलेंस का संचालन कराया जा रहा है।

इसमें अब तक लगभग 104 लाख गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं को लाभान्वित कराने के साथ ही करीब 09 हजार लोगों कोे रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह 108 एम्बुलेंस सेवा में 1488 एम्बुलेसों का संचालन कराके 58 लाख रोगियों का उपचार यिका जा चुका है। इसमें भी 9600 लोगों को रोजगार के अवसर मिले है।

उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही अन्य 100 प्रकार की पैथालॉजी जांचे निःशुल्क की जा रही है। पैथालॉजी जांचों की संख्या जो वर्ष 2011 में 115 लाख थी वह बढ़कर वर्ष 2015 में 212 लाख हो गयी है। इसी प्रकार जहां वर्ष 2011 में 15 लाख एक्सरे सरकारी चिकित्सालयों में हुए, वहीं वर्ष 2015 में यह संख्या बढ़कर 21 लाख हो गयी है।

गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2015 में 20 प्रतिशत अल्ट्रासाउंड अधिक किये गये। मुख्य सचिव ने बताया कि चिकित्सालयों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए 38 डिजिटल एक्सरे मशीनें, 155 कलर डाप्लर 3-डी अल्ट्रासाउंड मशीनें, आर्थोपीडिक सर्जरी हेतु 38 सी.आर्म मशीनों की तथा इलाहाबाद में 01 एम.आर.आई. मशीन की स्थापना कराई गयी हैं।

इसी तरह प्रदेश के 40 जिला अस्पतालों में 150 हाई एण्ड टेस्ट निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित लेबारेट्रीज के सहयोग से 24 घंटे निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल में जे0ई0 ए0ई0एस0 रोग को लेकर गोरखपुर व बस्ती मण्डलों में 104 ब्लाक स्तरीय चिकित्सा इकाईयों पर इन्सेफ्लाईटिस ट्रीटमेन्ट सेन्टर तथा गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल के जनपदों सहित लखीमपुर खीरी एवं बहराइच में पीडियाट्रिक आयू0सी0यू0 की स्थापना करा दी गयी है।

उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सालयों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति तथा 33 के.वी.ए. स्वतंत्र विद्युत फीडर का निर्माण कराया जा रहा है। प्रदेश के 109 चिकित्सालयों में स्वतंत्र विद्युत फीडर कार्य। कर रहे है। परिवार कल्याण कार्यक्रमों यथा-जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, नियमित टीकाकरण, नवजात शिशुओं की देखभाल हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्यवन करते हुए मातृ-मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में भारी कमी लायी गयी है। पिछले 02 वर्षों में शिशु मृत्यु दर 57 प्रति हजार से घटकर 50 प्रति हजार हो गयी है तथा मातृ मृत्यु दर 359 प्रति लाख जन्म से घटकर 258 प्रति लाख जन्म हो गयी है। नियमित टीकाकरण भी बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है।

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