चुनाव देख भाजपा को याद आए अवैध कब्जे

लखनऊ। चार साल से अवैध कब्जों पर आंखे मूंदी बैठी भाजपा को अब चुनावी मौसम में इनकी याद आयी है। वोट हथियाने के लिए पार्टी अब अवैध कब्जों को लेकर सडक पर उतरने जा रही है। इसका लाभ पार्टी को कितना होगा यह तो आने वाला समय बतायेगा। लेकिन जनता से इसे सिर्फ चुनावी षिगूफा मान रही है।

मथुरा में अवैध कब्जों को लेकर हुई हिंसा के बाद भाजपा अब इस मुददे को चुनावी हथियार बनाना चाह रही है। इसके लिए भाजपा ने ईमेल जारी किया है। जिस पर लोग अवैध कब्जों की शिकायत कर सकेंगे। लेकिन इन कब्जों को कितना भाजपा हटवा सकेगी यह तो समय ही बतायेगा। वहीं कई भाजपा नेताओं ने सरकारी जमीनों पर स्कूल एव घर बना रखे हैं उन्हें कौन हटायेंगा।

भाजपा यदि वाकई अवैध कब्जा हटावना चाहती है तो शिकायत की क्या जरूरत। सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रदेष में करीब छह हजार से अधिक तालाबों पर लोगों के कब्जा कर रखा है। इसका रिकार्ड भी नगर विकास एवं पंचायती राज में उपलब्ध है। इन्हें भाजपा क्यों नहीं हटवा रही है। जनता भाजपा की इस चाल को चुनावी स्टंट बता रही है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ई-मेल जारी करने के संकेत दिए थे। सरकार से पहले बीजेपी कार्यकर्ता जन-आंदोलन के जरिए स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाकर जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराएंगे ।

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