कांग्रेसियों को नहीं भा रहे पीके

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एव बिहार में नितीश कुमार के चुनाव का प्रबंधन देख चुके प्रशांत किशोर की राय प्रदेश के कांग्रेसियों को नहीं भा रही है। इतना ही नहीं पी के सुझावों पर भी कांग्रेसी गौर नहीं कर रहे है। लिहाजा कांग्रेस का साथ प्रशांत किशोर छोड सकते है।

बिहार में मिली सफलता से उत्साहित कांग्रेस ने यूपी में कामयाबी के लिए प्रशांत को चुनाव प्रबंधन का कार्य सौपा था। इसे लेकर वह बडे पदाधिकारियों से लेकर आम कार्यकर्ता तक फीड बैक ले रहे हैं।

इनके द्वारा दिये जाने वाले सुझावों पर कोशोर स्वयं अध्यन करते हैं। इसके बाद वह पार्टी नेताओं से अपील करते हैं लेकिन उनकी बात सुनी नहीं जाती। प्रशांत काम करने की आजादी न मिलने से नाराज हैं और इसलिए वो जल्द ही कांग्रेस का साथ छोड़ सकते हैं।

कांग्रेस के कई नेता प्रशांत की मदद नहीं कर रहे हैं। ये लोग उन्हें बाहरी मानते हैं और प्रशांत के काम में दखलंदाजी करते हैं। प्रशांत ने कहा कि राहुल या प्रियंका गांधी को यूपी इलेक्शन के लिए सीएम कैंडिडेट प्रोजेक्ट करने की मांग की।

लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। वह चाहते है कि पार्टी नेता कमलनाथ, गुलाम नबी आजाद और शीला दीक्षित की एक टीम बनाई जाए। इसे हाईकमान ने खारिज कर दिया।

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