यूपी का केंद्र को जबाब, कहा नहीं चाहिए पानी

नई दिल्ली। यूपी के सूखा प्रभावित और जल संकट की मार को  झेल रहे बुंदेलखंड इलाके में केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई पानी की ट्रेन को राज्य सरकार ने लेने से इनकार कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेल मंत्रालय को एक पात्र भेजकर सरकार सरकार से कहा है कि हमारे यहां लातूर के जैसे हालात नहीं हैं।

प्रदेश सरकार ने अपनी चिट्ठी में कहा कि अगर हमें पानी की जरूरत लगती है तो हम रेलवे को जरुरत के मुताबिक सूचित कर देंगे। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में पानी की भारी संकट है और जिस पर तमाम रिपोर्टों के बाद केंद्र का ध्यान इस ओर गया है।

यहाँ पानी की किल्लत कितनी गंभीर है इस बात का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि यहां के कुछ किसान सूखे के कारण अपनी फसलों के नुकसान के चलते कथित तौर पर आत्महत्या कर चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पिछले महीने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि केंद्र का प्रयास है ऐसी रणनीति बनाना जिससे इलाके की पानी की समस्या और गरीबी की समस्या से निजात पाया जा सके।

जल विज्ञान के विशेषज्ञ लगाकर बता रहे हैं कि इस समय देश में बढ़ती आबादी के कारण प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष जल उपलब्धता सिर्फ 75 फीसद बची है।

यानी हर व्यक्ति के हिस्से में बादलों से ही चार बाल्टी की बजाए सिर्फ तीन बाल्टी मिल रहा है। इसी आधार पर इसी स्तंभ में दो महीने पूर्व लिखा गया था कि पानी की छीना झपटी के दिन आने की आहट।

बुंदेलखंड में उत्तर प्रदेश के सात और मध्य प्रदेश के छह जिले आते हैं। यह इलाका एक पूरे प्रदेश के बराबर है। यहाँ की आबादी करीब दो करोड़ है।

इस बीच यूपी में सूखे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने 7 मई को एक बैठक बुलाई है, जिसमें अखिलेश यादव भी शामिल होंगे।  स्थानीय प्रशासन ने सरकारी ट्यूबवेल से पानी निकालकर टैंकरों के जरिए गांवों में पहुंचाने का काम शुरू किया है।

अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि एक वाटर ट्रेन से कुछ नहीं होगा, आखिरकार वह टैंकर ही हैं जो लंबी दूरी तय कर गांव में पहुंच सकते हैं। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इट ट्रेन को राज्य की तरफ से कहे बिना ही भेजा गया है।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बुंदेलखंड में पानी की अभी कोई कमी नहीं है। हमने पहले से ही व्यवस्था कर दी है। पानी को रखने की भी जगह हो। अब उन्होंने ट्रेन भेजी तो पानी रखा कहां जाएगा? जब पानी की जरूरत पड़ेगी तब हम मांग लेंगे।

मुख्य सचिव आलोक रंजन के मुताबिक यूपी सरकार ने पानी के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। जहां-जहां जरूरी है वहां हम टैंकर के जरिए पानी ले जा रहे हैं। उन्होंने हर ग्राम पंचायत में एक-एक कुआं भरने का निर्देश दिए है।

वहीँ कांग्रेस सांसद राज बब्बर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण ठहराते हुए कहा कि पानी पर राजनीति करना उचित नहीं। जनता तक पानी न पहुंचने देना पाप है। साथ ही सपा के ही सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार पानी के नाम पर मजाक कर रही है।

उसने यह कदम उठाने से पहले राज्य सरकार से कोई राय क्यों नहीं ली? वहां पानी के अलावा दूध और भोजन की भी जरूरत है। उसे क्यों नहीं भेजा, उन्होंने कहा कि हम सभी इंतजाम कर चुके हैं।

जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने एक बयान में कहा कि बुंदेलखंड में लोग भूखे प्यासे हैं… जानवर पानी के बिना मर रहे हैं। यूपी सरकार घमंड न दिखाए, या तो लोगों को पानी दे या हमारा पानी उन तक पहुंचाए।’

 

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