अगस्ता: ‘जिनका नाम कोर्ट फैसले में आया, ‘जांच उन पर केन्द्रित होगी,

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि मौजूदा जांच उन पर केंद्रित होगी, जिनका नाम इटली अदालत के फैसले में आया है। पर्रिकर कि ‘अदृश्य हाथ’ की भूमिका ने पहले इस मामले की समुचित जांच को रोका।

रक्षा मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की मांग को खारिज कर दिया, जिसके विरोध में कांग्रेस और जेडीयू ने सदन से वॉकआउट किया।

12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के लिए 3600 करोड़ रुपये के इस सौदे के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि यूपीए अगस्ता वेस्टलैंड के हेलीकॉप्टरों को खरीदने के लिए लगातार जोर डाल रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि कोई अदृश्य हाथ सीबीआई एवं ईडी की कार्रवाई या निष्क्रियता का मार्गदर्शन कर रहा था।

अगस्ता वेस्टलैंड सौदे पर सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए पर्रिकर ने कहा कि बिना पुख्ता जानकारी के एक वकील केस नहीं जीत सकता है। सिंघवी के बयानों पर टिप्पणी करते हुए मनोहर ने कहा कि उनके पास जानकारी का अभाव है, लेकिन वे वकील अच्छे हैं।

रक्षामंत्री पर्रिकर ने कहा कि मार्च 2005 के बाद से एक ही कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए सौदे की शर्तें बदली गईं। उन्होंने कहा कि 2012 में पहली रिपोर्ट में डील पर सवाल उठे और 2014 में सरकार ने कंपनी पर कदम उठाना शुरू किया।

पर्रिकर ने कहा कि सारे तथ्य कैग रिपोर्ट पर आधारित है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सही है कि मार्च 2003 में पीएमओ ने बदलाव किया क्योंकि सिर्फ एक ही कंपनी रेस में हो गई थी। उनका कहना है कि सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है।

यूपीए 1 में केबिन हाइट की शर्तें बदलीं। इस समय सौदे पर 11 से केवल 6 कंपनी रह गईं। फिर शर्तों में एक बार और बदलाव हुआ और अगस्ता ही अकेली कंपनी रह गई।

एंटनी ने कहा कि हम जेपीसी के लिए तैयार है। अकसर विपक्ष की यह मांग होती है। हम पहले से ही तैयार है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने कहा कि फैमिली का मतलब त्यागी परिवार है। अब भ्रष्टाचार साबित हो गया है। कार्रवाई करना वर्तमान सरकार का काम है। कंपनी पर एक्शन लें। भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करें। कंपनी पर तुरंत 10 का प्रतिबंध लगाएं। कंपनी को किसी भी प्रोजक्ट के लिए न बुलाएं यहां तक कि मेक इन इंडिया के लिए भी नहीं।

इससे पहले अगस्ता वेस्टलैंड मामले में राज्‍यसभा में पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि हमारी सरकार पहले दिन से ही साफ थी कि डिफेंस में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होगा। यूपीए 1 के बाद से हमने रक्षा खरीद से भ्रष्टाचार को मिटाने का संकल्प लिया था। यूपीए 1 के कार्यकाल में प्री कान्ट्रैक्ट इंटीग्रिटी पैक्ट हम लेकर आए।

उन्होंने कहा कि सीक्रेट रिकॉर्ड की बात मैं यहां नहीं करूंगा क्योंकि वह शपथ में बंधी रहती है। जो सार्वजनिक है उसकी बात कहूंगा। उन्होंने कहा कि पहली छह कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का काम किया। एंटनी ने कहा कि हेलीकॉप्टर की ऊंचाई कम करने का निर्णय एनडीए के कार्यकाल में पीएमओ ने लिया। इसी समय 6000 से 4000 फीट की ऊंचाई की गई।

फरवरी 2013 में डिफेंस मिनिस्ट्री के कागज यह बात बताते हैं। पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि 8 से 12 हेलीकॉप्टर खरीदने का निर्णय इसलिए बदला गया ताकि चार डिफेंस के काम के लिए प्रयोग में लाए जा सकें। 8 वीआईपी के लिए प्रयोग में लाए जाने थे। एंटनी ने कहा कि हमने इटली कोर्ट केस दर्ज किया और हर सुनवाई में एक दल भेजा। हमें जैसे ही केस से जुड़े कागज मिले हमने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए।

अगस्ता वेस्टलैंड मामले पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी के हमले का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सदन में जो हो रहा है पिछले कुछ दिनों से वह मिथ्या प्रचार हो रहा है जो केवल राजनैतिक प्रतिशोध नहीं है, बल्कि लोगों को गुमराह करने का, नाम बदनाम करने का काम है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एनडीए के कार्यकाल में ऊंचाई से संबंधित तमाम बातें हुईं। उन्होंने कहा कि नई सरकार को पिछली सरकार के कुछ बातों का ध्यान रखना होता है और ऐसा ही काम यूपीए की सरकार ने किया।

शर्मा ने कहा कि आज की स्थिति में भी मोदी सरकार ने रक्षा सौदों की डील के नियमों में कहा है कि फील्ड ट्रायल कंपनी की प्रीमाइसेस में हो सकता है। जहां तक दूसरे हेलीकॉप्टर के ट्रायल की बात है यह गलत बात है। शर्मा ने कहा कि मामले की जांच जारी है। यूपीए सरकार ने जैसे ही इस डील में गड़बड़ी की बात देखी तब तत्कालीन भारत सरकार ने हर वह कदम उठाया जो सरकार के स्तर पर होना चाहिए था। यहां तक की इटली की कोर्ट में केस किया गया।

वहां से 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा वापस आए और तीन हेलीकॉप्टर पहले ही आ चुके थे। उन्होंने कहा कि कोई बिचोलिया किसी पर आरोप लगा दे तो क्या वह दोषी हो गया। कोई एक चिट्ठी में नाम लिख दे तो क्या वह आरोपी बन जाएगा।

अहमद पटेल ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों का राज्यसभा में जवाब देते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इटली कोर्ट के आदेश में चार बार मेरा नाम आया है। आदेश में मेरे खिलाफ या हमारे किसी लीडर के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगे हैं। कहीं पर भी यह नहीं कहा गया कि इन लोगों ने घूस ली है। बोफोर्स में भी कांग्रेस को बदनाम किया गया। कांग्रेस और उनके नेताओं को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गलतबयानी करने वाले लोगों को नियंत्रित करें।

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